Ships, Sailing of ship as a Sign to be of service, to be grateful, to seek His Bounty
12 आयती
सर्व संदर्भ
- सूरा 2, आयत 1642:164
- सूरा 14, आयत 3214:32
- सूरा 16, आयत 1416:14
- सूरा 17, आयत 6617:66
- सूरा 22, आयत 6522:65
- सूरा 31, आयत 3131:31
- सूरा 35, आयत 1235:12
- सूरा 42, आयत 3242:32
- सूरा 42, आयत 3342:33
- सूरा 43, आयत 1243:12
- सूरा 45, आयत 1245:12
- सूरा 55, आयत 2455:24